तोर संग मया करके ।
जावत हौं दुरिहा तोर ले,
आंखी मा आंसु भरके।
अपन जम्मो सुख ला ,
तोरे उपर मा लुटाएवं ।
बिन सोचें मैं प्यार करेवं,
तभे तो धोखा खाएवं ।
अब तो जिनगी जीना हे,
सुरता तोला कर करके ।
जावत हौं दुरिहा तोर ले,
आंखी मा आंसू भरके ।
नइ भुलाववं गोरी मैं हा ,
तोर चारदिनिया प्यार ला ।
मोर तरफ ले अलविदा,
तोर सुघ्घर संसार ला ।
अच्छा करे तै बही टुरी,
वादा ले अपन मुकर के ।
जावत हौं दुरिहा तोर ले,
आंखी मा आंसू भरके ।
कृष्णा पारकर
बिलासपुर सीपत
+91 93404 04933


0 टिप्पणियाँ