बादल प्यारे अब तो बरसो badal pyare ab to barso[Krishna parkar][Chhattisgarhi kavita][hindi kavita][kavita] [कृष्णा पारकर][छत्तीसगढ़ी कविता][हिंदी कविता][कविता]

बादल प्यारे अब तो बरसो ।
ये विनती सुनो किसान की ।।



बिन पानी के जीवन चलना ।
मुमकिन ही नही इंसान की ।।

रस्ता देख रही ये धरती ।
 बस तेरे ही वरदान की ।।



प्यारे बादल अब तो बरसो ।
ये विनती सुनो किसान की ।।

बिन तेरे उपजे , कैसे अनाज।
भरना है पेट, पुरे जहान का ।।



आन पड़ी है जरुरत तुम्हारी ।
अब संग छोड़ो आसमान का।।

प्यारे बादल अब तो बरसो ।
हालत तो देखो किसान का ।।


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                             कृष्णा पारकर
                           बिलासपुर सीपत
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