चल वो नोनी धर ले रस्ता chal vo noni dhar le rasta-[.Krishna parkar][hindi kavita][c.g kavita][kavita] [कृष्णा पारकर][हिंदी कविता][छ.ग. कविता][कविता]

चल वो नोनी धर ले रस्ता ।
स्कूल तुंहर देखत हे रस्ता ।



स्कूल जाके , मन लगा के ।
सुघ्घर  कमाबे तै ज्ञान वो ।

दुनिया मा  उजागर करबे ।
तै  छत्तीसगढ़ के शान वो ।



ज्ञान के देवी मा सरस्वति ।
 देही अनमोल वरदान वो ।

दाई ददा के नाव ला करबे।
बनाबे अपन पहिचान वो ।



मन लगा के पढ़बे वो नोनी।
कहना ला मोर तै मान वो ।

छत्तीसगढ़ महतारी हमर हे।
हम हावन गरीब किसान वो।


  देखा तुझे बस एक नजर, dekha tujhe bas ek najar, कृष्णा पारकर, हिंदी कविता, कविता, Krishna parkar, hindi kavita, kavita,
                             कृष्णा पारकर
                           बिलासपुर सीपत
                       +91 93404 04933
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