स्कूल तुंहर देखत हे रस्ता ।
स्कूल जाके , मन लगा के ।
सुघ्घर कमाबे तै ज्ञान वो ।
दुनिया मा उजागर करबे ।
तै छत्तीसगढ़ के शान वो ।
ज्ञान के देवी मा सरस्वति ।
देही अनमोल वरदान वो ।
दाई ददा के नाव ला करबे।
बनाबे अपन पहिचान वो ।
मन लगा के पढ़बे वो नोनी।
कहना ला मोर तै मान वो ।
छत्तीसगढ़ महतारी हमर हे।
हम हावन गरीब किसान वो।
कृष्णा पारकर
बिलासपुर सीपत
+91 93404 04933


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