बीच दहरा मा ला के रे ।
कईसे होगय तै निरमोही ।
मया के किरिया खा के रे ।
तोड़ दिये तै मोर पिरिया ।
मया के सपना देखा के रे ।
तोर सुरता भुलावय नही ।
देख डारेवं मै भुला के रे ।
तोर मया मा मोला फंसाए।
मीठ मीठ तै गोठियाके रे ।
अब का होगे तोला वो टुरी।
मोर मन ला भरमा के रे ।
तोर बिना मोर जीव छुटत हे।
देख ना थोरकुन तै आ के रे ।
मर जाहुं गोरी तोर बिना ।
गर मा फांसी लगा के रे ।
कृष्णा पारकर
बिलासपुर सीपत
+91 93404 04933


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