सावन मा पानी झमाझम बरसे sawan ma pani jhamajham barse-[.Krishna parkar][hindi kavita][c.g kavita][kavita] [कृष्णा पारकर][हिंदी कविता][छ.ग. कविता][कविता]

सावन मा पानी झमाझम बरसे ।
तोला  पाए बर  मन  मोर तरसे ।



कहां जाबे मन मा प्यास जगाके ।
आजा ना रहिजा मन मा समाके ।



नइहे भरोसा त किरिया खवाले ।
मोर जिनगी अपन नाम कराले ।



सात जनम के मै करत हौं वादा ।
तोर बिना जिये के नइ हे इरादा ।


मया पिरित के आए हावे सावन ।
तोला पाए बर  तरसे रे मोर मन ।
देखा तुझे बस एक नजर, dekha tujhe bas ek najar, कृष्णा पारकर, हिंदी कविता, कविता, Krishna parkar, hindi kavita, kavita,
                             कृष्णा पारकर
                           बिलासपुर सीपत
                       +91 93404 04933
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