नैना ले गोरी जादु चला के naina le gori jadu chla ke[Krishna parkar][Chhattisgarhi kavita][hindi kavita][kavita] [कृष्णा पारकर][छत्तीसगढ़ी कविता][हिंदी कविता][कविता]


नैना ले गोरी जादु चला के,
           कर डारे तै दिवाना ओ ।
रहे नइ सकवं तोर बिना मै,
       कइसे करवं तै बता ना ओ।।



चंदा ले गोरी रूप हावय तोर,
         फुल सहीं मुचमुचाना ओ ।
देखेवं मै जब ले तोला रानी,
          होगेवं मै तोर दिवाना ओ ।


सुरता आथे मोला ओ गोरी,
      पईरी के छुम छुम बजाना ओ।
बिजली गिराए दिल मा परी,
       अरे हाय रे तोर लजाना ओ ।।



आ के गोरी मोर अंगना मा ,
        सपना ला मोर सजाना ओ ।
चार दिन के जिनगानी हे टुरी,
         फोकट मा झन गंवाना ओ।।


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                             कृष्णा पारकर
                           बिलासपुर सीपत
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