मया पिरिया के झांसा म (कृष्णा पारकर)(Maya piriya ke jhasha ma (Krishna Parker)


मया पिरिया के झांसा म ,
      फंस गे दिल मोर बेचारा ओ ।
होगे हाववं मै प्यांर मे पगला,
      हांसत रहिथे गांव पारा ओ ।।

जीना हे मुश्किल तोर बिना,
       सुरता के हावय सहारा ओ ।
तोर दरस बर नैना तरसगे,
    तहीं मोर आंखी के तारा ओ ।।

आधा घँटा ले खड़े रहेवं मै,
       समझे नहीं मोर इशारा ओ ।
बात करे के मौका नइ मिले,
     कइसे मोर होही गुजारा ओ ।।

तोर मया मे बोहावत जाथवं,
     जाने कब मिलही किनारा ओ।
तै बोले रहे के नौ बजे आहुं ,
       काबर बजा दिए बारा ओ ।।
         ***************
बिना बात मोला छोड़ दिए,
      तै करे मोला बेसहारा ओ ।
पहिली बार मे साध बुतागे ,
    प्यांर नइ करवं दोबारा ओ ।।

        **कृष्णा पारकर**

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