* किसान के पीरा *
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किसान के पीरा,
आनीबानी के कीरा।
सोन म घुना लगे,
कहाँ ले मिले हीरा।।
* किसानी म जांगर टोरे,
तब चार बीजा ल पाय।
होय हुवाये मरना होगे ,
जब छोटे बड़े कीरा झपाय।।
कतको उपजाथे तभो......ऊँट के मुहूँ मे जीरा!
किसान के पीरा...........आनीबानी के कीरा!!
सोन म घुना लगे...............कहाँ मिले हीरा!!!
* तनाछेदक,झुलसा,माहो,
आय किसान के पीरा।
ऐकर छोड़ सेठ महाजन,
अउ होथे सरकारी कीरा।।
बड़े बड़े कीरा मन ताकत हे.....देखके धान के भीरा!
किसान के पीरा...................आनीबानी के कीरा!!
सोन म घुना लगे.................कहाँ ले मिले हीरा!!!
* कमा के बिचारा घर नइ लाइस,
पहुंच गे हावय तगादा।
महाजन ह मेछा अंटियाय,
सरकारी ह कुर्की बर डरवाय।।
काकर मे देखावय घलो........ अपन छाती के चीरा!
किसान के पीरा.................. आनीबानी के कीरा!!
सोन म घुना लगे.................कहाँ ले मिले हीरा!!!
* करजा म लदाय किसान ,
पिसावत हवय पिसान।
सारी दुनिया ल पोसके,
. बनगे हवय भगवान।।
खीरा गिरय छुरी म...............घन छुरी गिरय खीरा!
किसान के पीरा....................आनीबानी के कीरा!!
सोन म घुना लगे...................कहाँ ले मिले हीरा!!!
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नोहर आर्य,
फरदडीह,(डौंडी लोहारा)जिला बालोद, छ.ग।

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