झूठा हे तोर प्यांर मोहब्बत

झूठा हे तोर प्यांर मोहब्बत ।
           झूठा हावय तोर यारी ।।
झूठ-मूठ के मया करे तै ।
           वाह ओ टुरी संस्कारी ।।

एक ठन सपना मोर टुटे हे ।
 तोर खातिर संसार छुटे हे ।

तोर मया मे पगला होगेवं ।
       सब छोड़ के दुनिया दारी ।।
झूठ-मूठ के मया करे तै ।
           वाह ओ टुरी संस्कारी ।।

जपत रहेवं तोर नाम के माला ।
तभे तो निकल गे मोर दिवाला ।

तोला कभु तरस नइ आये ।
         बढ़िया हे तोर दोसदारी ।।
झूठ-मूठ के मया करे तै ।
           वाह ओ टुरी संस्कारी ।।

काबर मोर संग रिश्ता जोड़े ।
रिश्ता जोड़  के मोला छोड़े ।

काबर तै निर्मोही होगय ।
        कइसे ओ पूजा कुमारी ।।
झूठ-मूठ के मया करे तै ।
          वाह ओ टुरी संस्कारी ।।

        **कृष्णा पारकर**

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