वो मेरी जिंदगी में आकर


वो मेरी जिंदगी में आकर लौट गए ।
दिल मे एक दाग लगाकर लौट गए ।

प्यांर तुमसे बेपनाह किया ।
बस इतना ही गुनाह किया ।
क्यूं कर दिया दिल मैंने तुम्हारे हवाले ।
तुम दिल पे खंजर चलाकर लौट गए ।

पल भर की चाहत थी ।
पल भर की राहत थी ।
आये थे इश्क करने, जाने क्या हुआ ।
वे नफरत का रंग चढ़ा कर लौट गए ।

तेरी बेरूखी यादगार है ।
मेरा दामन , दागदार है ।
चलो मान लिया नहीं थी तुम्हारी खता ।
तो क्यों तुम नजर झुकाकर लौट गए ।

           **कृष्णा पारकर**

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