दान (तोषण कुमार चुरेन्द्र धनगंइहा)

प्रदत्त विधा:- घनाक्षरी
विषय   :- दान
दिनांक:- 15/12/19 रविवार
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गाथा दान के हे बड़े,छोटे बड़े सब करे,
बड़े बड़े ऋषि मुनि,करते बखान है।

दानी राजा हरिश्चंद्र,तज दिये राजपाठ,
दान का प्रमाण दिया,जाने ये जहान है।

कबूतर प्राण खातिर,राजा शिवि माँस त्यागे,
दिया सीख मानवता,गाते जो पुराण है।।

दान करो मिल सब,अर्थ कर्म ज्ञान सेवा,
महिमा दानवीरों की,सबसे महान है।
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तोषण कुमार चुरेन्द्र
धनगंइहा डौंडी लोहारा
बालोद छत्तीसगढ़

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