* *
______**______
काबर नइ डारस टूरा, मया के नजरिया ।
का होगे जोही निच्चट ,होगेस निठुरिया।।
* सजे हवंव सम्हरे हवंव तोर सेती बिलवा।
गुसियाय काबर जोही, बनेस उठमिलवा।।
तोर मीठ बोली बर, तरसत हंव जंहुरिया!
काबर नइ डारस टूरा...मया के नजरिया।
का होगे जोही..........,,,,,,,,,निठुरिया ।।
* काम बुता म मन नइ लागे,सुरता आथे तोर।
मया के पीरा बाढ़त रहिथे, अंतस मा मोर।।
"नोहर" होगे दरस तोर संझा बिहनिया!
काबर नइ डारेस टुरा..मया के नजरिया ।
का होगे जोही................,.निठुरिया ।।
* तंय ह मोर चंदा अस, मय हंव या तोर चकोर।
गरहन काकर लागिस ,तोला नइ करे अंजोर।।
जिनगी अंधियार लागे, होगे करिया!
काबर नइ डारेस टुरा..,मयाके नजरिया ।
का होगे जोही...............,,,निठुरिया ।।
* तलफत हंव मछरी कस, पानी बिना तरिया।
तोर बिना मोर जवानी, परत हावे परिया।।
ले चल रे मोला ,मया के नगरिया!
काबर नइ डारेस टुरा..मया के नजरिया ।
का होगे जोही................निठुरिया ।।
* हाँस के गोठियाके ते,अपन मया मा फाँसे।
जिनगी मोर भुर्री करके,ते खुल-खुल हाँसे।।
तैं मोला बना लेना,अपन दुलहनिया!
काबर नइ डारेस टुरा ,मया के नजरिया।
का होगे जोही निच्चट,होगेस ते निठुरिया।।
****************____________***************
नोहर आर्य
फरदडीह(डौंडीलोहारा)जिला बालोद,
______**______
काबर नइ डारस टूरा, मया के नजरिया ।
का होगे जोही निच्चट ,होगेस निठुरिया।।
* सजे हवंव सम्हरे हवंव तोर सेती बिलवा।
गुसियाय काबर जोही, बनेस उठमिलवा।।
तोर मीठ बोली बर, तरसत हंव जंहुरिया!
काबर नइ डारस टूरा...मया के नजरिया।
का होगे जोही..........,,,,,,,,,निठुरिया ।।
* काम बुता म मन नइ लागे,सुरता आथे तोर।
मया के पीरा बाढ़त रहिथे, अंतस मा मोर।।
"नोहर" होगे दरस तोर संझा बिहनिया!
काबर नइ डारेस टुरा..मया के नजरिया ।
का होगे जोही................,.निठुरिया ।।
* तंय ह मोर चंदा अस, मय हंव या तोर चकोर।
गरहन काकर लागिस ,तोला नइ करे अंजोर।।
जिनगी अंधियार लागे, होगे करिया!
काबर नइ डारेस टुरा..,मयाके नजरिया ।
का होगे जोही...............,,,निठुरिया ।।
* तलफत हंव मछरी कस, पानी बिना तरिया।
तोर बिना मोर जवानी, परत हावे परिया।।
ले चल रे मोला ,मया के नगरिया!
काबर नइ डारेस टुरा..मया के नजरिया ।
का होगे जोही................निठुरिया ।।
* हाँस के गोठियाके ते,अपन मया मा फाँसे।
जिनगी मोर भुर्री करके,ते खुल-खुल हाँसे।।
तैं मोला बना लेना,अपन दुलहनिया!
काबर नइ डारेस टुरा ,मया के नजरिया।
का होगे जोही निच्चट,होगेस ते निठुरिया।।
****************____________***************
नोहर आर्य
फरदडीह(डौंडीलोहारा)जिला बालोद,

0 टिप्पणियाँ