* तोर सुरता मा *
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थोरकुन बेरा नइ होय हे,
अभिच दूनो संघरे हावन।
बईठ हिता के गोठियाले,
दुनिया हमर बर लगाय हे दावन।।
सुरता म तोर बेरा अंखरागे,
रद्दा देखत आँखी पथरागे।
काला गोठियांव काला लुकांव,
मन के गोठ बर जीभ भोथरागे।।
सबके नंजर मे बइहा होगेंव,
कइसे के मोर मन ल मनांव।
अभी आय हस जांहू कहिथस,
कइसे करेजा ल कटवांव।।
जा रे !पिरोहिल जा तंय हर,
जिंहा तोला मया दुलार मिले।
मय कांटा संग जी लिहों रानी,
तोला हर छिन फूल बहार मिले।।
अपन मया ल भेजके दुरिहा,
'नोहर'हे मोर जिनगानी ।
अंतस हर मोर पथरा होगे,
कहाँ ले ओगरय पानी ।।
कहाँ ले ओगरय पानी...
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नोहर आर्य,
फरदडीह,(डौंडीलोहारा) जिला बालोद,छ.ग
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थोरकुन बेरा नइ होय हे,
अभिच दूनो संघरे हावन।
बईठ हिता के गोठियाले,
दुनिया हमर बर लगाय हे दावन।।
सुरता म तोर बेरा अंखरागे,
रद्दा देखत आँखी पथरागे।
काला गोठियांव काला लुकांव,
मन के गोठ बर जीभ भोथरागे।।
सबके नंजर मे बइहा होगेंव,
कइसे के मोर मन ल मनांव।
अभी आय हस जांहू कहिथस,
कइसे करेजा ल कटवांव।।
जा रे !पिरोहिल जा तंय हर,
जिंहा तोला मया दुलार मिले।
मय कांटा संग जी लिहों रानी,
तोला हर छिन फूल बहार मिले।।
अपन मया ल भेजके दुरिहा,
'नोहर'हे मोर जिनगानी ।
अंतस हर मोर पथरा होगे,
कहाँ ले ओगरय पानी ।।
कहाँ ले ओगरय पानी...
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नोहर आर्य,
फरदडीह,(डौंडीलोहारा) जिला बालोद,छ.ग

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