विश्व महिला दिवस
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बेटी नोहे मुड़ के बोझा,
पगड़ी कस ये ताज हरे।
मइके के दुलौरीन बेटी,
ससुरार के ये लाज हरे।।
मान बढ़ाथे शान बढ़ाथे,
गांव घर अउ परिवार के।
दुनो कुल के लाज राखथे,
माइके संग ससुरार के।।
आज बिगड़गे हाल जग के,
बेटा पाये के चाहत मे।
कोख उजारथे बेटी के,
पेट भीतर के राहत मे।।
का बेटा मे दुनिया चलही,
का बेटा के कोख मे लइका फलही?
"नोहर"हो जही बहु मिलना !
फेर बइठे बइठे आलू छिलना।।
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नोहर आर्य
फरदडीह,(डौंडी लोहारा) जिला बालोद,छ.ग.
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बेटी नोहे मुड़ के बोझा,
पगड़ी कस ये ताज हरे।
मइके के दुलौरीन बेटी,
ससुरार के ये लाज हरे।।
मान बढ़ाथे शान बढ़ाथे,
गांव घर अउ परिवार के।
दुनो कुल के लाज राखथे,
माइके संग ससुरार के।।
आज बिगड़गे हाल जग के,
बेटा पाये के चाहत मे।
कोख उजारथे बेटी के,
पेट भीतर के राहत मे।।
का बेटा मे दुनिया चलही,
का बेटा के कोख मे लइका फलही?
"नोहर"हो जही बहु मिलना !
फेर बइठे बइठे आलू छिलना।।
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नोहर आर्य
फरदडीह,(डौंडी लोहारा) जिला बालोद,छ.ग.

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