दान करे पून होत हे,
पून करे भल होय ।
बटोरे दउलत नोहे तोर,
मरत बेरा म खोय।।
पबरित महिना पूस के,
जुड़े जुड़ जुड़ जनाय।
नाहे खोरे बिहनिया ले,
तउने बामहन कहाय।।
पुन्नी आगे पूस के,
जम्मो तिहार मनाय।
लइका सियान सबो के,
रेला घर घर बोहाय।।
छेरी के छेरा छेर बरतनीन,
छेर छेरा ।
माई कोठी के धान ल,
हेर हेरा ।।
अरन बरन गोरसी बरन,
जभ्भे देबे तभ्भे टरन।
घर घर झोला टुकनी धरके,
जाथें लइका सियान ।
ढोम्हा खोंची सबो पा के,
पावय दान पुन के गियान।।
बबा मन डंडा नाचय,
मार मार कुलकारी ।
दाई बहिनी मन सुआ नाचे,
हाँथ बजा के तारी।।
डोकरी दाई प ढोम्हा खोंची,
दान करत हे भारी।
छत्तीसगढ़ चलन पिंयारी,
नोहय जी लबारी ।।
नोहय जी लबारी ।।
छेर छेरा पुन्नी तिहार के,
आघू ले हवय बधई ।
राम राम नोहर भाई के,
भेजे हंव अगुवाई ।।
भेजे हंव अगुवाई ।।
_________********___________
नोहर आर्य,
फरदडीह, जिला बालोद, छत्तीसगढ़,
पून करे भल होय ।
बटोरे दउलत नोहे तोर,
मरत बेरा म खोय।।
पबरित महिना पूस के,
जुड़े जुड़ जुड़ जनाय।
नाहे खोरे बिहनिया ले,
तउने बामहन कहाय।।
पुन्नी आगे पूस के,
जम्मो तिहार मनाय।
लइका सियान सबो के,
रेला घर घर बोहाय।।
छेरी के छेरा छेर बरतनीन,
छेर छेरा ।
माई कोठी के धान ल,
हेर हेरा ।।
अरन बरन गोरसी बरन,
जभ्भे देबे तभ्भे टरन।
घर घर झोला टुकनी धरके,
जाथें लइका सियान ।
ढोम्हा खोंची सबो पा के,
पावय दान पुन के गियान।।
बबा मन डंडा नाचय,
मार मार कुलकारी ।
दाई बहिनी मन सुआ नाचे,
हाँथ बजा के तारी।।
डोकरी दाई प ढोम्हा खोंची,
दान करत हे भारी।
छत्तीसगढ़ चलन पिंयारी,
नोहय जी लबारी ।।
नोहय जी लबारी ।।
छेर छेरा पुन्नी तिहार के,
आघू ले हवय बधई ।
राम राम नोहर भाई के,
भेजे हंव अगुवाई ।।
भेजे हंव अगुवाई ।।
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नोहर आर्य,
फरदडीह, जिला बालोद, छत्तीसगढ़,

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