जम के कका जाड हमाये हे,
चारो कोती बादर छाये हे
डोकरा डोकरी ला कौन कहे,
छोकरा छोकरी मन के नारी जुडाये हे
जाड मा पानी ह ग़दर मचाये हे,
दो
दिन ले सब्बो पानी बचाए हे
टूरा मन के बाते छोड़,
टुरी मन तको नि नहाये हे
गोरसी कना बबा ह पियत हे बीडी,
नाती ल दाई ह कोरा मा छुपाय हे
कुकरी ह मरत हे जाड तभू ले,
चिया ला अपन डेना मा लुकाय हे
जाड हा आगी के मान बदाये हे
जाड के देखे सब कटकटाए हे
बिना जाने गुरुजी मार दिस लेईका ला
मुह में टूरा काला चबाये हे

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