तोर करस्तानी के बात अजब हे ।
मोर जिनगानी के, हाल गजब हे ।
रोना, सुसकना, वो ही कलपना ।
खुशी के मौका, आए ही कब हे ।
मैही तो गंवाए हौं अपनेआप से ।
तोर साथ मे तो आजभी सब हे ।
तोर बर प्यार मजाक ही रिहिस ।
बात मोर समझ मे आए अब हे ।
जा तोला दुनिया के सुख मिलय ।
अब मोर से तोला का मतबल हे ।
**कृष्णा पारकर**

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