तोर मोर मया(तोषण कुमार चुरेन्द्र)

तोर मोर मया कस 
सानी नंइहे ओ रानी
एखर जस कौनों 
कहानी नंइहे ना
मोहनी सुरत मा 
मोहागे मन हा रे
तोर पीरीत के बदरा ह 
छागे हे ना

तोला अगोरव रानी 
तरिया के पार मा
देखथंव तभे बही 
आथे ओ करार ना
सुरता मा तोर बइहा 
नींद नइ आय गा
दिन रतिहा अनपानी
 नंइ सुहाय ना
करले मया जिनगानी 
नंइहे ओ रानी
एखर जस कौनों 
कहानी नंइहे ना........

तोषण कुमार चुरेन्द्र

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