-:मै बेटा बनिहार के :-
मै बेटा बनिहार के
मै काम करव जी डार के
मै बेटा बनिहार के
सुबे बिहनियां काम मा जाथंव
दिनभर मेहा असल कमाथंव
मुधिंयार के घर मा आथंव
छुट्टी नही त्यौहार के
मै बेटा बनिहार के
मै काम करव जी डार के
मेहनत करके परिवार ला पालंव
डिपरा ला खोदरा करके,खोदरा ला मै चालंव
मेहनत के मै आव पुजारी,माटी के मै लालंव
मै करथव मेहनत मतिमार के
मै बेटा बनिहार के
मै काम करव जी डार के
करके बनि मै लईका ला पढ़ाथों
शिक्षा के ओला सिढ़ी चढाथों
शिक्षा के ओला लिला सुनाथों
तै कर पढ़ाई सुख मार के
तै बेटा बनिहार के
तै काम कर जी डार के
तै बेटा बनिहार के
कवि/लेखक/गीतकार
आर्यन चिराम
9407749514
kodagaon kanker
कोई भी अंश तोड़ मडोर कर प्रस्तुत न करें इस कविता से सम्बंधित सभी copyrigth इस वेबसाइट और कवि के पास है कविता कॉपी पेस्ट करने पर साईट और गीतकार का नाम जरुर दर्शाए नही तो कॉपीराइट एक्ट के तहत आप पर कानूनी कार्यवाही हो सकता है सर्वसाधारण को सुुुचित किया जाता है।





1 टिप्पणियाँ
बहुँत सुंदर
जवाब देंहटाएं