का होगे रे टुरी तोला 【कृष्णा पारकर 】【कविता】ka hoge guru tola krishna parkar kavita

का होगे रे टुरी तोला ,कृष्णा पारकर ,कविता,ka hoge guru tola,krishna parkar,kavita,
का होगे रे टुरी तोला ,
        वादा अपन निभाए नही ।
तीन बजे तै आहुं कहे,
        सात बजे तक आए नही ।




रस्ता देखत बेरा बुड़गे ,
           अंधियारी होगे हे रात ।
मया ला तो तोड़ दिये ,
          झन करबे मोर से बात ।

कल तै आके रोना रोबे ,
       कहिबे मोर मजबूरी होगे ।
जानत हौं मै तोर लबारी,
        कहिबे काम जरूरी होगे ।




दु मिनट के समय ले के ,
       फोन घलो तो लगाए नहीं ।
तीन बजे तै आहुं कहिके ,
        सात बजे तक आए नहीं ।



कतको गलती माफ करेवं,
      कतको दियेवं तोला मौका ।
जान से जादा चाहेवं तोला,
         अउ तै दिये मोला धोखा ।




मोर से भारी गलती होगे ,
       सबले अलग तोला जानेवं ।
तोर मया मा अंधरा होके,
         मै पाछु पाछु तोर भागेवं ।



रात भर मै रोवत रहिगेवं ,
       तभो ले आंसु सिराए नही ।
तीन बजे के वादा करके ,
        सात बजे तक आए नहीं ।

                                          
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                             कृष्णा पारकर
                           बिलासपुर सीपत
                       +91 93404 04933
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