बड़ फुर्सत मा बनाए हे ।
फुलवा कस तोर बदन,
तभे अतेक चिकनाए हे ।
मनभावन रूप रंग मा ,
चंदा घलो हा लजाए हे ।
देख के तोला दिल गोरी,
तोर मोहनी मा मताए हे ।
चमके अइसे तोर बदन,
जइसे दूध मा नहलाए हे ।
तोर मया मा ए रे टुरी ,
मोर मति छरियाए हे ।
देख के तोला अइसे लागे,
परी उतर के आए हे ।
गोरी रे तोर मोहनी रूप,
मन मा मोर समाए हे ।
कृष्णा पारकर
बिलासपुर सीपत
+91 93404 04933


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