देखा तुझे बस एक नजर,और प्यार हो गया dekha tujhe bas ek najar[Krishna parkar][hindi kavita][c.g kavita][kavita] [कृष्णा पारकर][हिंदी कविता][छ.ग. कविता][कविता]

देखा तुझे बस एक नजर,और प्यार हो गया ।
शायद इतना इसलिए , मै लाचार हो गया ।



कच्ची थी यारी तुम्हारी, झुठी थी मोहब्बत ।
तभी जरा सी बात पर , यूं तकरार हो गया ।




सोंच के मै शर्मिंदा हूँ, तुमसे दिल क्यूँ लगाया।
अपना ही दिल तोड़कर , गुनाहगार हो गया।


दिल भी ये नादान था, जो आया तेरी बातों में।
अब ना करना कृष्णा, गलती जो इस बार हो गया।

                      

                     
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                             कृष्णा पारकर
                           बिलासपुर सीपत
                       +91 93404 04933
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