करथस मोर गोठ बात ओ।
मोला बता रानी मोर बिना,
कइसे पहाथस रात ओ ।।
रतिहा मै छटपटावत रहथौं,
सुरता आथे मुलाकात ओ ।
कुछु नइ मांगव भगवान ले,
मिल जाए बस तोर साथ ओ।।
कइसे रहेवं मै तोर बिना,
अब मुश्किल हे हालात ओ।
तोर बिना रे ए मनमोहनी,
बासी मिठाए ना भात ओ ।
मोला फंसाए दिवाना बनाए,
तै नैना ले करके घात ओ ।
मोर अंगना तोला ले आहुं,
मै भाँवर पराके सात ओ ।।
तोर जवानी के चढ़गे नशा,
दारू के का हे बिसात ओ ।
नइ छोड़वं मै तोला रानी ,
अब धरले ना मोर हाथ ओ ।।
कृष्णा पारकर
बिलासपुर सीपत
+91 93404 04933


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