दिल का दर्द चुप चाप सहना सीखा दिया ।
अंजाम यही होना था ,
तुमसे दिल जो लगाया ।
ना तो खुल कर रो सका ।
ना पल भर को मुस्कुराया ।
दिवानो की तरह दर्द में हंसना सीखा दिया ।
तेरी बेरुखी ने खामोश रहना सीखा दिया ।
तुझको तेरा यार मुबारक ,
खुशियों का संसार मुबारक ,
मंजिल पे तुम खुश रहना ,
मुझको ये मजधार मुबारक ,
जख्मो ने तुम्हारे दुआ करना सीखा दिया ।
दिल का दर्द चुप चाप सहना सीखा दिया ।
कृष्णा पारकर
बिलासपुर सीपत
+91 93404 04933


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