तेरी बेरुखी ने खामोश रहना सीखा दिया teri berukhi ne khamosh rahna sikha diya-[.Krishna parkar][hindi kavita][c.g kavita][kavita] [कृष्णा पारकर][हिंदी कविता][छ.ग. कविता][कविता]

तेरी बेरुखी ने खामोश रहना सीखा दिया ।
दिल का दर्द चुप चाप सहना सीखा दिया ।



अंजाम यही होना था ,
   तुमसे दिल जो लगाया ।
       ना तो खुल कर रो सका ।
           ना पल भर को मुस्कुराया ।
दिवानो की तरह दर्द में हंसना सीखा दिया ।
तेरी बेरुखी ने खामोश रहना सीखा दिया ।



तुझको तेरा यार मुबारक ,
   खुशियों का संसार मुबारक ,
         मंजिल पे तुम खुश रहना ,
            मुझको ये मजधार मुबारक ,



जख्मो ने तुम्हारे दुआ करना सीखा दिया ।
दिल का दर्द चुप चाप सहना सीखा दिया ।


       देखा तुझे बस एक नजर, dekha tujhe bas ek najar, कृष्णा पारकर, हिंदी कविता, कविता, Krishna parkar, hindi kavita, kavita,
                             कृष्णा पारकर
                           बिलासपुर सीपत
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